संजय गुप्ता/बलरामपुर@ बाइट दिनों पहले सैकड़ो की संख्या में पीड़ित महिला और पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंच कर कलेक्टर के नाम पर तहसीलदार को ज्ञापन सोपा है.. दरअसल कई गांवों की सरकारी वह निजी जमीन को एक ही परिवार के नाम नियम विरुद्ध तरीके से दर्ज करा लिया है.. इसका खुलासा तब हुआ जब किसान अपना ध्यान बेचने मंडी पहुंचे.. अब इस वजह से ग्रामीण काफी आक्रोशित है.. और जांच की है तथा मांग करते हुए मांगी पूरी नहीं होने पर ऊपर आंदोलन की चेतावनी भी दी है..
ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत कोदौरा, कोटडीह, भैडरी, परसवार खुर्द, करगडीहा और पकरोडी में लगभग 60 से 70 एकड़ भूमि—जिसमें सरकारी जमीन और निजी भू-स्वामियों की भूमि शामिल है—को कथित रूप से तहसीलदार राजपुर और संबंधित पटवारी की मिलीभगत से एक ही परिवार के सदस्यों के नाम कर दिया गया.. शिकायत में उल्लेख है कि पूरी प्रक्रिया में ऑनलाइन दस्तावेजों में हेरफेर कर सात लोगों के नाम पर अवैध रूप से नामांतरण किया गया.. ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में ही बड़ी मात्रा में भूमि उस परिवार के नाम पर चढ़ा दी गई और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी.. ग्रामीणों ने बताया कि जब वे धान खरीदी पंजीयन के लिए ऑनलाइन खसरा/बी-1 निकालने पहुंचे, तब वास्तविक भू-स्वामियों के नाम की जगह एक तथा कथित परिवार का नाम दर्ज मिला.. एक सप्ताह पूर्व ग्रामीणों ने पटवारी और तहसीलदार को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर वे सीधे कलेक्टर के पास पहुंचे.. ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई तथा आरोपी परिवार के खिलाफ तत्काल अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की है.. उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे..
इस मामले में ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार ने मामले की तत्काल जांच करा कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है..

