संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिला बलरामपुर मुख्यालय के गौरव पथ पर 10 साल का बच्चा ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभालता दिखा और चालक नशे में धुत्त था—यह दृश्य न सिर्फ हैरान करता है, बल्कि पूरा सिस्टम कटघरे में खड़ा कर देता है.. शहर की सड़कों पर जिम्मेदारों की नींद इतनी गहरी है कि शराबी ड्राइवर भी आराम से वाहन सौंप दे और मासूम चालक बन जाए!
सवाल यह है कि ट्रैफिक पुलिस कहां थी ?
इतनी भीड़भाड़ वाली सड़क पर चलती लापरवाही को देखने वाला कोई नहीं—क्या यह व्यवस्था की असफलता का जीता-जागता उदाहरण नहीं?
सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद लोग पूछ रहे हैं—
अगर यही ट्रैक्टर किसी को कुचल देता, तो जिम्मेदार कौन होता?
यह घटना सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि प्रशासन की आंखों पर चढ़ी पट्टी का सबूत है.. शहर में सक्रिय ट्रैफिक सिस्टम का सच एक 10 साल के बच्चे ने उजागर कर दिया—वह भी सरेआम!
अब उम्मीद है कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग नींद से जागेगा और जांच ही नहीं, सख्त कार्रवाई भी होगी…
वरना अगला हादसा किसी की जान लेकर ही सबक सिखाएगा..
बहरहाल यह वायरल वीडियो कुछ दिनों पहले की ही बताई जा रही है.. अभी तक ट्रैक्टर मालिक का पता नहीं चल सका है.. शराब के नशे में धुत्त होकर ट्रैक्टर चलाना वो भी एक मासूम के हाथों..? निश्चित ही कानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है !
