
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ बलरामपुर कोतवाली थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद तीन साल के मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं मामले ने क्षेत्र में बिना अनुमति चिकित्सा प्रैक्टिस करने वालों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के जमुआटांड ग्राम पंचायत निवासी तीन वर्षीय बच्चा पिछले कुछ दिनों से बीमार था और उसे बुखार की शिकायत थी। परिजन इलाज के लिए उसे सरनाडीह गांव में भूलेश्वर सिंह के पास लेकर गए, जहां कथित तौर पर मरीजों का इलाज किया जाता है।
परिजनों के अनुसार, बच्चे को मौसमी बुखार के इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगाए जाने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन बच्चे को लेकर घर की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही बच्चे की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
वहीं, स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले करीब तीन महीने के भीतर कथित झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के बाद यह चौथी मौत है। हालांकि, इन घटनाओं और मौतों के बीच चिकित्सकीय संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब देखना होगा कि जांच में बच्चे की मौत की असली वजह क्या सामने आती है और यदि इलाज में लापरवाही या किसी तरह की अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।





