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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर ब्लॉक, ग्राम पंचायत भंवरमाल में हाईस्कूल के परिसर में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के नाम पर स्वीकृत राशि के गबन का गंभीर मामला सामने आया है.. इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी पर आज तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो सकी है.. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिक्षा अनुदान मद से हाईस्कूल भंवरमाल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई थी.. लेकिन आज तक न तो निर्माण कार्य की शुरुआत हुई और न ही स्कूल परिसर में नींव तक खोदी गई.. हैरानी की बात यह है कि न ईंट, न बालू, न गिट्टी और न ही किसी अन्य निर्माण सामग्री की आपूर्ति की गई, जबकि राशि का आहरण दो वर्ष पूर्व ही कर लिया गया..
ग्रामीणों का आरोप है कि उस वक्त के पूर्व सरपच रेवती सिंह पति नेपाल सिंह अपने कार्यकाल के दौरान उक्त राशि को अपने वेंडर के माध्यम से निकालकर गबन कर लिया.. बताया जा रहा है कि इस मामले को ग्राम पंचायत एवं पंच बैठक में कई बार उठाया गया और अभियंता द्वारा भी निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया.. आधी राशि डकार ली गई पर मौके पर कोई निर्माण नहीं दिख रहा है..

शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ का आरोप :
ग्रामीणों का कहना है कि अतिरिक्त कक्ष नहीं बनने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.. कक्षाओं की कमी के कारण बच्चों को असुविधा में पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है..
प्राथमिकी दर्ज करने की मांग :
शिकायतकर्ताओं ने पूर्व में ही कलेक्टर से मांग की कर चुके है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पूर्व सरपंच रेवती सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा गबन की गई राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए.. ग्रामीणों ने कहा है कि यदि जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे..
यह मामला पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.. अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है..
पूर्व सरपच रेवती सिंह पति नेपाल सिंह ने इस कृत्य को अंजाम दिया है.. बड़ी हैरत की बात है कि ऐसे पंचायत से राशि तो निकल जाती है लेकिन कार्य प्रारंभ नहीं करते.. बताया जा रहा है कि अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति की राशि ₹300000 थी जिसमें से आधी राशि को बिना काम शुरू किए ही डेढ़ लाख रुपए निकाल कर डकार लिया गया है.. हमने मौके का जायजा ग्राउंड जीरो पर जाकर लिया तो पाया कि उसे स्कूल परिसर में कहीं भी अतिरिक्त कक्ष दिख ही नहीं.. मतलब साफ है पंचायत की जिम्मेदारों ने अपनी जेब भर ली,,
बेशक ऐसे भ्रष्टाचारियों को बिल्कुल नहीं बक्शा जाना चाहिए.. जांच कर उनसे राशि की रिकवरी करनी चाहिए और उनके खिलाफ अपराध दर्ज भी होना चाहिए..
