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संजय गुप्ता/रामानुजगंज@ जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भवरमाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए गए विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और सरकारी राशि की खुली लूट के आरोप सामने आए हैं..
मामला अब प्रशासनिक सीमाओं से निकलकर राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है.. जांच में लीपापोती और दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने खुला मोर्चा खोल दिया है.. बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा..

इन कार्यों में गड़बड़ी का आरोप :
शिकायत के मुताबिक ग्राम पंचायत भवरमाल में मनरेगा के तहत कराए गए कई कार्य
सवालों के घेरे में हैं—
• पंचायत भवन से बहेरा तक नहर निर्माण कार्य (स्वीकृत राशि 19.51 लाख रुपये)
• टेडवापीर होते हुए दुभानपारा से कनहर नदी तक नहर निर्माण कार्य (19.51 लाख रुपये)
• दुधमनिया पुराने छट घाट में सीसी चेकडेम निर्माण
आरोप है कि इन सभी कार्यों में घटिया गुणवत्ता, कागजों में काम पूरा दिखाकर भुगतान, और सरकारी धन के बंदरबांट की गंभीर अनियमितताएं की गईं..
रात में जांच, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा :
ग्रामीणों और पंचों द्वारा कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई गई थी.. इसके बाद 5 फरवरी 2026 को जिला स्तर से गठित जांच टीम पंचायत पहुंची, लेकिन आरोप है कि शाम 6 से 7 बजे के बीच अंधेरे में जांच की गई..
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक द्वारा उन्हें फोन कर पंचायत भवन बुलाया गया, जहां नशे की हालत में कुछ लोग मौजूद थे.. इस घटनाक्रम से ग्रामीणों और पंचों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया..
जांच में मिलीभगत का आरोप :
शिकायतकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच टीम द्वारा एकपक्षीय और औपचारिक जांच की गई, ताकि दोषियों को बचाया जा सके.. उनका कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्व नियोजित लीपापोती का हिस्सा है..
कांग्रेस का अल्टीमेटम :
मनरेगा में कथित घोटाले और संदिग्ध जांच प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गरीबों के हक की कमाई पर डाका डालने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा..
पुनः जांच की मांग :
ग्रामीणों और आवेदकों ने मांग की है कि—
• पूरे मामले की पुनः जांच कराई जाए,
• नई जांच टीम को दिन के उजाले में पंचायत भेजा जाए जांच से पूर्व सभी
• शिकायतकर्ताओं को सूचित कर उनका पक्ष सुना जाए,
ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी.. तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा !
