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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ छत्तीसगढ़ के बलरामपुर नगर पालिका में लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार थमता नजर आ रहा है.. मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रणव राय पर अभद्र भाषा और पार्षदों को धमकाने के गंभीर आरोपों के बीच राज्य शासन ने उनका तबादला कर दिया है.. इस कार्रवाई के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पार्षदों ने राहत की सांस ली है..
जानकारी के अनुसार, सीएमओ प्रणव राय पर आरोप था कि उन्होंने पार्षदों के साथ बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकाया.. मामला उस समय और अधिक तूल पकड़ गया जब एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.. रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद नगर पालिका का माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया..
इस मुद्दे पर भाजपा पार्षद खुलकर सामने आए और उन्होंने सीएमओ के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई.. पार्षदों का कहना था कि उनका रवैया जनप्रतिनिधियों के प्रति अपमानजनक था, जिससे विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा था.. इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों और शासन स्तर पर शिकायतें दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई थी.. लगातार बढ़ते विवाद, पार्षदों की नाराजगी और प्रशासनिक असंतोष को देखते हुए राज्य शासन ने हस्तक्षेप करते हुए सीएमओ प्रणव राय का तबादला करने का निर्णय लिया.. प्रशासनिक स्तर पर इस फैसले को एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है..
सीएमओ के स्थानांतरण के बाद नगर पालिका के पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन के फैसले का स्वागत किया है.. उनका कहना है कि अब नगर पालिका में कार्य व्यवस्था बेहतर होगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी.. माना जा रहा है कि इस निर्णय से लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब समाप्त हो जाएगा..