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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय ने कुछ समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों का खंडन करते हुए उसे तथ्यहीन, भ्रामक और वास्तविक परिस्थितियों से परे बताया है। विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि समाचार में लगाए गए आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और इससे विभाग एवं अधिकारियों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार समाचार में यह आरोप लगाया गया था कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कलेक्टर कार्यालय के नाम से आदेश जारी किए जा रहे हैं। इस संबंध में विभाग ने सफाई देते हुए बताया कि एक पत्र में टंकण संबंधी त्रुटि के कारण “कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी” के स्थान पर “कार्यालय कलेक्टर” अंकित हो गया था। यह केवल लिपिकीय त्रुटि थी, जिसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बनाया गया।
विभाग ने यह भी कहा कि कार्यालय संचालन, कर्मचारियों से समन्वय की कमी तथा बाहरी व्यक्तियों से कार्य लेने संबंधी लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। कार्यालय के सभी कार्य शासन के नियमों एवं निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत कर्मचारियों के माध्यम से ही संपादित किए जाते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में विद्यालयों के महत्वपूर्ण दस्तावेज निजी निवास पर ले जाने के आरोपों को भी असत्य एवं आधारहीन बताया गया है। विभाग का कहना है कि सभी अभिलेख निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्यालय में सुरक्षित रखे जाते हैं और आवश्यकता अनुसार संबंधित शाखाओं को उपलब्ध कराए जाते हैं।

सूचना के अधिकार (आरटीआई) मामलों में लापरवाही और लंबित आवेदनों के संबंध में प्रकाशित खबरों को भी विभाग ने तथ्यहीन बताया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्राप्त आरटीआई आवेदनों का निराकरण नियमानुसार और निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाता है। किसी प्रकरण में सूचना संकलन अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से विलंब होने पर भी उसका विधिवत निराकरण किया जाता है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि समाचार में विभागीय सूत्रों के हवाले से कई आरोप लगाए गए हैं, लेकिन उनके समर्थन में कोई प्रमाण या आधिकारिक आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है।
विभाग के अनुसार कार्यालय की समस्त गतिविधियां शासन के निर्देशों, प्रचलित नियमों एवं प्रशासनिक पारदर्शिता के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। विभाग ने संबंधित समाचार को भ्रामक एवं तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए उसका औपचारिक खंडन किया है तथा आमजन से अपील की है कि वे अपुष्ट एवं एकपक्षीय खबरों पर विश्वास न करें और किसी भी विषय में सही जानकारी के लिए सीधे कार्यालय से संपर्क करें।