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डेस्क_अचूक प्रहार/बलरामपुर@ धान बिक्री की राशि भुगतान और कथित फर्जी केसीसी ऋण प्रकरण को लेकर पीड़ित किसानों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है.. किसानों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया है कि शासन-प्रशासन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं, जिससे वे आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं..
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि उनकी दो प्रमुख मांगें हैं.. पहली, वर्ष 2025-26 में बेचे गए धान की बकाया राशि का भुगतान किया जाए तथा दूसरी, किसानों के नाम पर बनाए गए कथित फर्जी केसीसी ऋण मामले का खुलासा किया जाए..

किसानों के अनुसार 9 जून 2026 को मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के नाम रामानुजगंज एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था.. इसके बाद 17 जून 2026 से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर शाखा रामानुजगंज के सामने किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और दो दिन का भूख हड़ताल भी किया था.. उस दौरान प्रशासन द्वारा मांगों के समाधान का आश्वासन दिए जाने पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया था..
पीड़ित किसानों का कहना है कि अब तक न तो धान बिक्री की राशि का भुगतान हुआ है और न ही फर्जी केसीसी ऋण प्रकरण का निराकरण किया गया है.. किसानों ने आरोप लगाया कि कई किसान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, कुछ ने साहूकारों से कर्ज लेकर खेती की है और भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं..
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि किसानों की धान बिक्री की बकाया राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर शाखा रामानुजगंज में लगभग 50 हजार रुपये से लेकर ढाई लाख रुपये तक लंबित है.. किसानों ने शपथ पत्र देने की भी सहमति जताई है और कहा है कि यदि भविष्य में उन पर लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं तो वे पूरी राशि वापस करने के लिए तैयार हैं..
किसानों ने शासन से शीघ्र भुगतान कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे पुनः अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी..