![]()
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जनपद पंचायत वाड्रफनगर कार्यालय परिसर में कथित रूप से कचरे के ढेर के बीच छत्तीसगढ़ शासन की प्रचार सामग्री एवं मुख्यमंत्री की तस्वीरें बिखरी मिलने का मामला चर्चा का विषय बन गया है.. घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं..
जानकारी के अनुसार कार्यालय परिसर में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री अव्यवस्थित अवस्था में पड़ी मिली.. स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन की योजनाओं से जुड़ी सामग्री का इस तरह कचरे के बीच पाया जाना लापरवाही को दर्शाता है..
कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और उनसे संबंधित प्रचार सामग्री का सम्मानजनक रखरखाव होना चाहिए.. उनका आरोप है कि जनपद स्तर पर निगरानी और रखरखाव में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है.. वहीं कुछ लोगों ने वर्तमान जनपद सीईओ की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं.. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है..
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जांच की मांग उठ रही है.. लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित सामग्री वहां कैसे पहुंची, उसका निस्तारण किस प्रक्रिया के तहत किया जा रहा था और इसके लिए जिम्मेदार कौन है..
फिलहाल इस मामले में जनपद पंचायत प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.. अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं.. यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है..