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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ बलरामपुर जिला मुख्यालय से सटे इलाकों में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों का मामला अब गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और कानून की अवहेलना का उदाहरण बनता जा रहा है.. ताजा मामला तहसील बलरामपुर के ग्राम बड़कीमहरी का है, जहां न्यायालय के स्पष्ट बेदखली आदेश और स्थगन आदेश के बावजूद एक दबंग व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी रखा गया..
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार बलरामपुर न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अवैध कब्जा सिद्ध पाए जाने पर कब्जाधारी को दोषी ठहराते हुए अर्थदंड लगाया, सात दिन के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया तथा बेदखली वारंट भी जारी किया.. इसके बावजूद कब्जाधारी ने न केवल आदेश की अवहेलना की, बल्कि कानून को ठेंगा दिखाते हुए मकान की ढलाई तक कर डाली..

इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर कार्यालय बलरामपुर में की जा चुकी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो बेदखली की कार्रवाई हुई और न ही अवैध निर्माण को रोका गया.. प्रशासन की इस चुप्पी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.. स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील क्षेत्र में अब कानून नहीं, बल्कि दबंगई और प्रशासनिक संरक्षण का बोलबाला है.. यदि न्यायालय के आदेशों की इस तरह खुलेआम अवहेलना होगी, तो आम नागरिक न्याय के लिए आखिर जाए तो कहां जाए ?
इस मामले ने न सिर्फ शासकीय भूमि की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगाया है, बल्कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है..
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन कब तक मौन साधे रहता है और न्यायालय के आदेशों का पालन कब सुनिश्चित किया जाता है..
