
जांच में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित, शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई !
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ राजपुर विकासखंड के प्राथमिक शाला बालक आश्रम जिगड़ी में कक्षा पांचवीं के छात्र की कथित पिटाई के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक प्रधान पाठक विपता राम रवि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामला 13 अगस्त 2026 का है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित छात्र, उसके भाई, विद्यालय के शिक्षक उमेश कुमार महंत तथा प्रधान पाठक विपता राम रवि के कथन लिए गए और विद्यालय की दैनिक उपस्थिति पंजी का भी परीक्षण किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कक्षा पांचवीं के छात्र जनक लाल के साथ प्रधान पाठक द्वारा बांस की छड़ी से मारपीट किए जाने की घटना प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई गई।

जांच के दौरान घटना की तारीख से छात्र को अनुपस्थित दर्ज किए जाने संबंधी उपस्थिति पंजी में भी विसंगति पाई गई। आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कृत्य निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17(1) के प्रावधानों तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत है और इसे प्रथम दृष्ट्या गंभीर कदाचार की श्रेणी में माना गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच प्रतिवेदन में उपलब्ध तथ्यों और अभिमत को देखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रधान पाठक विपता राम रवि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन अवधि के दौरान प्रधान पाठक को मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, वाड्रफनगर में निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब विद्यालय में छात्र सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभागीय आदेश से साफ है कि छात्र के साथ कथित मारपीट और उपस्थिति पंजी में मिली विसंगतियों को गंभीरता से लिया गया है। अब आगे की विभागीय प्रक्रिया में मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।






