संजय गुप्ता/शंकरगढ़@ प्रदेश सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्रधानमंत्री जनमन योजना ज़मीनी स्तर पर कहीं-कहीं दम तोड़ती नजर आ रही है.. योजना का उद्देश्य दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर विकास की रोशनी हर जनजातीय परिवार तक पहुंचाना है, लेकिन बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड में इसकी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है..
कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बसकेपी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य बीते लगभग एक वर्ष से ठप पड़ा हुआ है.. सड़क निर्माण का काम शुरू तो किया गया था, लेकिन आज तक यह अधूरा ही है.. ग्रामीणों के अनुसार, बसंत गुप्ता नामक व्यक्ति द्वारा निजी भूमि का हवाला देते हुए निर्माण कार्य को जबरन रुकवा दिया गया, जिसके चलते योजना का लाभ गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है.. इस सड़क निर्माण के रुक जाने का सबसे अधिक असर विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समाज पर पड़ रहा है.. आज भी ग्रामीणों को कच्चे और कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन करना पड़ता है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है..

बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सड़क निर्माण में बाधा डालकर जानबूझकर गांव के विकास को रोका जा रहा है, जिससे गरीब और जनजातीय परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाएं.. इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत बसकेपी के सरपंच सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है..

अपनी पीड़ा लेकर ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर से भी मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की है.. ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करे और प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराया जाए..
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जनजातीय विकास से जुड़ी योजनाएं ऐसे ही दबंग व्यक्तियों की दादागिरी की भेंट चढ़ती रहेंगी, या फिर प्रशासन ठोस कदम उठाकर कोरवा जनजाति के लोगों को उनका अधिकार और बुनियादी सुविधा दिलाएगा.. जिले की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं..
