संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत कोरवा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र धनेशपुर से आश्रित ग्राम छुराकोना तक बन रही सड़क एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.. यहां मनमानी तरीके से काम भगवान भरोसे चल रहा है.. प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत आदिवासी अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने के दावों के बीच, यह सड़क जमीनी हकीकत में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है..

झाड़ू की मार में उखड़ती सड़क !
करीब 3 किलोमीटर लंबी डामर व सीसी सड़क की लागत ₹1 करोड़ 91 लाख 25 हजार बताई जा रही है.. हैरानी की बात यह है कि निर्माण के तुरंत बाद ही सड़क की परतें झाड़ू फेरते ही उखड़ गईं। यानी सड़क न तो बरसात की कसौटी पर खरी उतर पाई, न ही सामान्य पैदल आवागमन की।

कागजों में मजबूत, जमीन पर खोखली !
पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए यह सड़क स्वास्थ्य, शिक्षा और आपात सेवाओं की जीवनरेखा मानी जा रही थी.. लेकिन मौके पर स्थिति यह है कि डामर और गिट्टी की पकड़ इतनी कमजोर है कि हल्की रगड़ से ही परतें ढह रही हैं.. स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही सड़क के पूरी तरह तबाह होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता..

मानकों की अनदेखी के आरोप !
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया बालू, 60 एमएम गिट्टी, सीमेंट में स्टोन डस्ट और स्तरहीन रेत का इस्तेमाल किया गया.. जबकि क्षेत्र पहाड़ी और ढलान वाला है, जहां उच्च गुणवत्ता और अतिरिक्त मजबूती अनिवार्य होती है.. आरोप है कि कार्य केवल खानापूर्ति तक सीमित रहा..

ठेकेदार नदारद, बाहर की लेबर भरोसे !
ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण एजेंसी मैसर्स एलसी कटरे, मिशन रोड, राताखार (कोरबा) से जुड़ी है.. ठेकेदार का मौके पर आना-जाना नगण्य बताया जा रहा है, जबकि काम की निगरानी बाहर की लेबर और मुंशी कर रहे हैं..

विभाग का दावा—‘सब ठीक है’
मामले में जब संबंधित विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से सवाल किया गया, तो उनका कहना था—
“ठेकेदार अच्छी सड़क बनवा रहा है.. कार्य अभी निर्माणाधीन है, समय पर सब ठीक कर दिया जाएगा।”
हालांकि, हकीकत कैमरे में कैद तस्वीरों और वीडियो में साफ दिख रही है..
अब बड़ा सवाल ?
1.91 करोड़ की इस तथाकथित ‘झाड़ू-प्रूफ’ सड़क के पीछे किसका संरक्षण है ? क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, या फिर यह सड़क भी कागजों में मजबूत और जमीन पर कमजोर बनकर रह जाएगी ?
अचूक प्रहार, जीरो ग्राउंड रिपोर्ट
