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कुर्सी संभालते ही एक्शन मोड में नई कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, प्राइवेट स्कूलों और प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख..
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिले की नवपदस्थ कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कार्यभार संभालते ही अपने प्रशासनिक तेवर स्पष्ट कर दिए हैं। जिला मुख्यालय में आयोजित पहली प्रेस वार्ता में उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए कि नियमों की अनदेखी और लापरवाही अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने निजी स्कूलों द्वारा नियमों के उल्लंघन, मनमानी फीस वसूली और अभिभावकों के शोषण का मुद्दा उठाया। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर उन्हें नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी निजी विद्यालय के खिलाफ नियमों के उल्लंघन की प्रमाणिक शिकायत प्राप्त होती है, तो प्रशासन सीधे वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई करेगा।

कलेक्टर ने जिले के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, आंगनबाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता सुधारना, प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना तथा सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विकास केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर ने विशेष मेंटेनेंस वाहन “1099” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन 24 घंटे आवश्यक सेवाओं के रखरखाव और त्वरित मरम्मत कार्यों के लिए उपलब्ध रहेगा। प्रारंभिक चरण में इसकी सेवाएं राजपुर और शंकरगढ़ विकासखंड में संचालित की जाएंगी।
प्रेस वार्ता के अंत में कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नई कलेक्टर के सख्त और परिणामोन्मुखी रुख से जिले में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं आम नागरिकों के बीच भी बेहतर प्रशासन और त्वरित समाधान की अपेक्षाएं मजबूत हुई हैं।