
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश भर के सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता 25 अगस्त को अपने-अपने जिले में ”टेट मुक्ति रैली” निकलेंगे। बलरामपुर में भी शिक्षक रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय के नाम कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे।
रैली की तैयारी को लेकर 22 एवं 23 अगस्त को टेट प्रभावित शिक्षकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन तथा जिला संयोजक पवन सिंह एवं उपेन्द्र सिंह ने शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है, उनका कहना है कि पूर्व से में शिक्षकों की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में टेट अनिवार्य नहीं था। ऐसे में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई प्रक्रिया के तहत टेट की अनिवार्यता लागू किया जाना उचित नहीं है।
मोर्चा ने सवाल उठाया कि 28 वर्षों की सेवा और अनुभव के बावजूद शिक्षकों को दोबारा टेट परीक्षा देने के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है? संगठन ने टेट प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की गारंटी का भरोसा दिलाया है। मोर्चा पदाधिकारियों ने शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह एवं लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर विभिन्न मांगों पर चर्चा की। बीएड ब्रिज कोर्स की कार्ययोजना, भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन, पूर्व सेवा की गणना सहित पुरानी पेंशन और वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी रखी गई। मोर्चा ने कहा कि शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।





