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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ विकासखंड वाड्रफनगर की ग्राम पंचायत सरना में निर्माणाधीन पुल अब सवालों के घेरे में आ गया है.. बंगाली पारा को मुख्य मार्ग बलंगी से जोड़ने वाले इस पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है..
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर वर्तमान में पुल का निर्माण कराया जा रहा है, वहां पूर्व में भी पुल अथवा पुलिया निर्माण पर शासकीय राशि खर्च की जा चुकी है.. ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर एक ही स्थान पर बार-बार निर्माण की जरूरत क्यों पड़ रही है? क्या पहले हुए निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन थे, या फिर शासकीय धन का दुरुपयोग हुआ है ?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूर्व में हुए निर्माण कार्य तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप किए गए होते, तो आज दोबारा उसी स्थान पर निर्माण कराने की नौबत नहीं आती.. इससे सरकारी राशि के उपयोग और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं..
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रशासनिक स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, भुगतान संबंधी दस्तावेज, माप पुस्तिका (एमबी), स्थल निरीक्षण रिपोर्ट तथा निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जाए.. साथ ही यह भी देखा जाए कि पूर्व में हुए निर्माण कार्यों पर कितनी राशि खर्च हुई और उनका वर्तमान में क्या अस्तित्व है..
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए..
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरना में एक ही जगह बार-बार पुल निर्माण के पीछे आखिर वजह क्या है? क्या यह विकास कार्य है या फिर सरकारी धन के दुरुपयोग का कोई नया अध्याय? इसका जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा..
फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं और वे पारदर्शी जांच के जरिए सच सामने लाने की मांग कर रहे हैं..