10 नवंबर तक दावा-आपत्तियों का निराकरण करने के निर्देश, धान खरीदी से पहले त्रुटि सुधार का मिलेगा अवसर
डेक्स _बलरामपुर@ खरीफ वर्ष 2026-27 के डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण (डीसीएस) एवं पी.व्ही. एप के माध्यम से की गई फसल गिरदावरी की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए जिले में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर 4 से 6 नवंबर तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों के प्रत्येक गांव में आयोजित इन ग्राम सभाओं में फसल सर्वेक्षण की प्रविष्टियों का किसानों के सामने सार्वजनिक वाचन किया जा रहा है। साथ ही किसानों से दावा-आपत्तियां भी प्राप्त की जा रही हैं।

ग्राम सभाओं में डीसीएस के प्रथम एवं द्वितीय चरण की फसल प्रविष्टियों को पढ़कर सुनाया जा रहा है। इसके अलावा सर्वेक्षण सूचियां ग्राम पंचायतों में अवलोकन के लिए उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसान अपनी फसल एवं खसरा संबंधी जानकारी का मिलान कर सकें और किसी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते आपत्ति दर्ज करा सकें।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से फसल सर्वेक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। किसानों को अपनी प्रविष्टियों में त्रुटि सुधार कराने का अवसर मिल रहा है, जिससे धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी जानकारियां सही की जा सकें और किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त दावा-आपत्तियों का परीक्षण कर 10 नवंबर तक अनिवार्य रूप से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में रामानुजगंज अनुविभाग के धौली, कुलूडीह, जम्वान्तपुर एवं सैल्जू सहित विभिन्न ग्रामों में आयोजित ग्राम सभाओं का अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान डीसीएस एवं पी.व्ही. एप की सर्वे सूची का सार्वजनिक वाचन कर किसानों से दावा-आपत्तियां प्राप्त की गईं। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी राजस्व अधिकारियों की निगरानी में यह प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा रही है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने गांव में आयोजित ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से शामिल होकर फसल गिरदावरी की प्रविष्टियों का अवलोकन करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर निर्धारित समय-सीमा में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करें, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।