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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिले के जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत नव निर्मित ग्राम पंचायत शंकरपुर में पंचायत भवन निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.. ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि स्वीकृत स्थल को छोड़कर सरपंच द्वारा अपने निजी स्वार्थ के चलते भवन का ले-आउट दूसरी निजी भूमि में कराया जा रहा है..
ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में मंत्री को लिखे गए आवेदन में बताया गया है कि पंचायत भवन के निर्माण हेतु पर्याप्त शासकीय भूमि पहले से उपलब्ध है और उसी स्थान को प्रस्तावित भी किया गया था.. इसके बावजूद सरपंच एवं सचिव द्वारा कथित रूप से अधिकारियों को प्रभावित कर प्रस्तावित स्थल से अलग निजी भूमि में भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.. जबकि स्पष्ट निर्देश है कि पंचायत भवन किसी के व्यक्तिगत भूमि में नहीं बल्कि शासकीय भूमि पर निर्माण करना है.. इस पंचायत के भवन निर्माण के लिए सारे नियम कायदों को ताक में रखकर पंचायत भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है.. वहां के स्थानियों का कहना है कि उक्त भूमि खसरा नंबर 170 जिसमें गोपाल चमरू के नाम से पट्टा है बना हुआ है..

साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित शासकीय भूमि ग्राम के मध्य स्थित है, जो सभी के लिए अधिक उपयुक्त और सुविधाजनक है.. वहीं निजी भूमि में भवन निर्माण किए जाने से आम जनता को असुविधा होगी और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होंगे..
ग्रामवासियों ने मंत्री से मांग की है कि पंचायत भवन का निर्माण पूर्व प्रस्तावित शासकीय स्थल पर ही कराया जाए और इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए..
शंकरपुर में पंचायत भवन निर्माण को लेकर उठे इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.. अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है..