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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ शंकरगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में लाखों रुपये के गबन का मामला अब कार्रवाई तक पहुंच गया है—और इसकी शुरुआत हुई “अचूक प्रहार” की ग्राउंड रिपोर्टिंग से.. हमने ने इस घोटाले को प्रमुखता से उठाते हुए जमीनी हकीकत दर्शकों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया..
कलेक्टर राजेंद्र कटारा तथा जिला पंचायत CEO ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए.. विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव जॉन कुमार टोप्पो और रोजगार सहायक संजय दास को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.. और मामले की विस्तृत जांच कर हड़पी गई राशि रिकवरी की भी तैयारी कर ली है..
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी जियो टैगिंग के जरिए अपूर्ण मकानों को पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि हितग्राहियों के खातों में डलवाई और फिर अंगूठा लगवाकर रकम का गबन किया.. इसके अलावा फर्जी मास्टर रोल बनाकर मनरेगा मजदूरी की राशि भी हड़प ली गई..
पूरे मामले में करीब 10 लाख 5 हजार 881 रुपये के गबन का खुलासा हुआ है.. पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है..
फिलहाल, यह कार्रवाई इस बात का साफ संकेत है कि जब पत्रकारिता जमीन से जुड़कर सच दिखाती है, तो उसका असर सीधे प्रशासनिक कार्रवाई में नजर आता है..