दीदियों के हुनर की सराहना कर खरीदे स्थानीय उत्पाद, 07 नवंबर तक चलेगा बिहान मेला
डेस्क_बलरामपुर@ जिला मुख्यालय बलरामपुर स्थित शनि मंदिर के पास आयोजित बिहान मेले में बुधवार को कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ग्राहक के रूप में पहुंचीं। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों से छिंद की टोकरी और माला, मल्टीग्रेन आटा, मिट्टी के दीये तथा ऊन से बने फूलों की खरीदारी कर स्थानीय उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी भी उनके साथ मौजूद रहे।

कलेक्टर ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने छिंद की माला पहनकर ग्रामीण महिलाओं के हुनर और मेहनत का उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले ऐसे उत्पाद ऑनलाइन बाजार में दो से तीन गुना अधिक कीमत पर मिलते हैं, जबकि बिहान मेले में ये उत्पाद किफायती दामों पर उपलब्ध हैं। इनकी खरीदारी से सीधे ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होती है।
उन्होंने बताया कि जिले में 52 हजार दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं और विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि दीपावली के अवसर पर स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी कर उन्हें प्रोत्साहित करें।

जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। बिहान मेला महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराने का बेहतर माध्यम है।
उल्लेखनीय है कि 04 से 07 नवंबर तक आयोजित इस बिहान मेले में डिजाइनर दीये, टेराकोटा कलाकृतियां, हस्तशिल्प, दीपावली सजावट सामग्री, स्थानीय खाद्य उत्पाद सहित जिले की पहचान चांगरो जीराफूल चावल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के हुनर को बाजार मिल रहा है और उनके आत्मनिर्भर बनने की राह मजबूत हो रही है।