कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी के दिए निर्देश, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील!
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी 28 और 29 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना को देखते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल करने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो सकती है। संभावित आपदा को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने राजस्व अमले और आपदा प्रबंधन टीम को जलभराव एवं बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा है। उन्होंने जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार निगरानी करने तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के साथ ही बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।

• जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता!
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग को अलर्ट रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जलाशयों एवं बांधों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने और पानी छोड़े जाने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सूचना देने पर जोर दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
• नदी-नालों और डूबे रास्तों से दूर रहने की अपील!
कलेक्टर ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग नदी-नालों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास जाने से बचें। पानी में डूबे रास्तों, पुल-पुलियों और बैरियर लगे स्थानों को पार करने का प्रयास न करें। गिरे हुए बिजली के तारों से दूरी बनाए रखें तथा भूस्खलन और जमीन धंसने की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा, विशेषकर रात के समय यात्रा करने से बचने और बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की भी अपील की गई है।

• आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क!
जिला प्रशासन ने आपात स्थिति में सहायता के लिए नागरिकों को डायल 112, जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 07831-273002 अथवा स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी है।
प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी जानकारी के लिए केवल अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करने और अफवाहों से दूर रहने का आग्रह किया है। संभावित बारिश को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सतर्कता, समय पर सूचना और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है।