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एक साल से अनुपस्थित लिपिक और आधे से भी कम विद्यार्थियों की उपस्थिति पर प्रधान पाठक से मांगा जवाब।
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लापरवाही सामने आने पर एक प्रधान पाठक और एक लिपिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण के दौरान माध्यमिक शाला धनादोहर में दर्ज 69 विद्यार्थियों में से केवल 31 विद्यार्थी उपस्थित मिले। विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रधान पाठक चन्द्रिका टोप्पो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं, शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी में पदस्थ लिपिक देवनारायण राम के अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित रहने की जानकारी सामने आने पर उन्हें भी नोटिस जारी किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक शाला राजकुमारीनटोला, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला धनगांव, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला धनादोहर तथा प्राथमिक शाला नेहरूनगर सहित विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक शाला राजकुमारीनटोला में 13 में से 11, प्राथमिक शाला धनगांव में सभी 20, माध्यमिक शाला धनगांव में 18 में से 13, प्राथमिक शाला धनादोहर में 31 में से 20 और प्राथमिक शाला नेहरूनगर में 26 में से 17 विद्यार्थी उपस्थित मिले।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला नेहरूनगर में मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई और कक्षाओं की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं, प्राथमिक शाला धनगांव में विद्यालय परिसर की स्वच्छता में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। तातापानी कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय में निरीक्षण के समय 348 छात्राएं उपस्थित थीं। इस दौरान छात्राओं ने साइकिल स्टैंड की मांग रखी, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने आवश्यक विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन पर विशेष जोर
कलेक्टर के निर्देशों का हवाला देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत दैनिक उपस्थिति के लिए प्रयास करने और निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों के हाथों और नाखूनों की नियमित स्वच्छता, कक्षाओं की साफ-सफाई तथा विद्यालय परिसर में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और नियमित उपस्थिति के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए औचक निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।