
संजय गुप्ता/शंकरगढ़/बलरामपुर@ ग्राम पंचायत आमगांव में कथित वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय राशि के गबन को उजागर करने के बाद एक युवक ने पंचायत के सरपंच, सचिव सहित कुछ पंचों पर दबाव बनाने, पैसों का प्रलोभन देने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्राम आमगांव निवासी आशीष कुमार गुप्ता (27 वर्ष) ने पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और स्वयं तथा अपने परिजनों की सुरक्षा की मांग की है।
शिकायत के अनुसार आशीष कुमार गुप्ता आरटीआई कार्यकर्ता हैं। उन्होंने विगत कुछ समय में ग्राम आमगांव ग्राम पंचायत में सूचना के अधिकार के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों और पंचायत से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त की। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन दस्तावेजों के आधार पर ग्राम पंचायत में कथित तौर पर लाखों रुपये के कार्यों में अनियमितता और फर्जी बिलों के माध्यम से शासकीय राशि के गबन का मामला सामने आया, जिसे उन्होंने उजागर किया।
शिकायत में सरपंच सरस्वती तिर्की, सचिव इमानी कुजूर एवं कुछ पंचों पर आरोप लगाया गया है कि मामले के सामने आने के बाद शिकायतकर्ता पर समझौता करने और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा। आरोप है कि इसके लिए उसे पैसों का प्रलोभन भी दिया गया।
आशीष का कहना है कि जब उसने कथित रूप से दिए गए चेक को लेने से इनकार कर दिया तो इसके बाद दबाव और बढ़ गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे जान से मारने की धमकी देने के साथ-साथ झूठे बलात्कार, छेड़छाड़ तथा हरिजन एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक घटना को लेकर उसके साथ ग्रामीणों ने पूर्व में कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा था। अब उसने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज करते हुए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
गौरतलब है कि पंचायतों में फर्जी बिल, अनियमित भुगतान और शासकीय राशि के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आने पर प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई के मामले लगातार सामने आते रहे हैं।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



