जशपुर में वायरल वीडियो से भाजपा की किरकिरी, पार्टी अनुशासन और पद की मर्यादा पर उठे सवाल।
डेस्क_जशपुर@ आर्केस्ट्रा के मंच पर कथित अश्लील हरकत और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मामला महादेवडाँड़ भाजपा मंडल के उपाध्यक्ष से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अब संगठन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित नेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मंडल अध्यक्ष प्रतीक प्रकाश सिंह ने तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

• वायरल वीडियो से संगठन की छवि पर सवाल।
जानकारी के अनुसार, आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष का एक डांसर के साथ कथित अश्लील हरकत करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। जिस पार्टी में अनुशासन, मर्यादा और सार्वजनिक जीवन में आचरण को महत्व देने की बात कही जाती है, उसी पार्टी के पदाधिकारी से जुड़ा यह मामला अब संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।
• नोटिस में अनुशासनहीनता का उल्लेख।
मंडल अध्यक्ष प्रतीक प्रकाश सिंह की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में संबंधित पदाधिकारी के आचरण को पार्टी की रीति-नीति और अनुशासन के विपरीत बताया गया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मंडल उपाध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह का आचरण पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इससे पार्टी की छवि भी धूमिल हुई है।
संगठन ने संबंधित नेता से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है। साथ ही स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।
• अब जवाब पर टिकी संगठन की नजर।
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित भाजपा नेता अपने वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर क्या सफाई देते हैं। उनका जवाब सामने आने के बाद ही संगठन के अगले कदम की तस्वीर स्पष्ट होगी।
फिलहाल, कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद मामला केवल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पार्टी के आंतरिक अनुशासन और पदाधिकारियों की जवाबदेही से भी जुड़ गया है।
सवाल सीधा है—संगठन के अनुशासन और पद की गरिमा की कसौटी पर संबंधित नेता का जवाब कितना खरा उतरता है? अब देखना होगा कि भाजपा संगठन इस मामले में केवल स्पष्टीकरण लेकर रुकता है या आगे कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करता है।
नोट: वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित नेता का पक्ष उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।