संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज और प्रिज्मा एआई के बीच कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना को लेकर गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MOU) हुआ है। इसके साथ ही बलरामपुर प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां इस तरह का डेटा लेबलिंग एवं AI आधारित केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं और शिक्षित ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आजीविका से जोड़ना है। पायलट चरण में 10 सीटों वाला संचालन केंद्र शुरू किया जाएगा।
केंद्र में चयनित प्रतिभागियों को AI साक्षरता, डिजिटल कौशल, डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, सत्यापन और गुणवत्ता समीक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में उन्हें वास्तविक AI परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा।
कलेक्टर ने कहा कि इस पहल से जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को अपने ही जिले में तकनीकी क्षेत्र से जुड़कर आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। केंद्र के संचालन, प्रशिक्षण, पारिश्रमिक और इंटरनेट कनेक्टिविटी का खर्च प्रिज्मा एआई द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि जिला प्रशासन परिसर उपलब्ध कराने और हितग्राहियों के चयन में सहयोग करेगा।
01 से 07 अक्टूबर तक लगेंगे सेवा सेतु शिविर
पत्रकार वार्ता में 01 से 07 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा सेतु शिविरों की भी जानकारी दी गई। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
शिविरों के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को नोडल अधिकारी तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी सेवा सेतु शिविर में पहुंचकर शासकीय योजनाओं का लाभ लें।