संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जिला मुख्यालय स्थित आवासीय एकलव्य विद्यालय में 9वीं कक्षा के आठ छात्रों के साथ 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना 6 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। मारपीट के बाद छात्रों ने हॉस्टल अधीक्षक को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि उन्हें तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया और परिजनों को भी घटना की सूचना नहीं दी गई।
मंगलवार सुबह जब परिजनों को मामले की जानकारी मिली तो वे विद्यालय पहुंचे और घायल बच्चों को जिला अस्पताल लेकर गए। यहां बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार कराया गया। परिजनों का दावा है कि बच्चों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान हैं।

घटना को लेकर परिजनों में भारी नाराजगी है। उनका सवाल है कि जब बच्चों के साथ मारपीट हुई थी तो उन्हें समय पर अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया और परिवार वालों को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई। इस पूरे घटनाक्रम में हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रायबल विभाग की एसी ने जांच जारी होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। संभावना जताई जा रही है कि कुछ छात्रों को स्कूल से निलंबित भी किया जा सकता है।
फिलहाल, आठ छात्रों के साथ मारपीट के इस मामले ने आवासीय एकलव्य विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, हॉस्टल प्रबंधन और घटना की सूचना देने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर है।