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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ जनपद पंचायत बलरामपुर का परिसर इन दिनों प्रशासनिक कार्यालय कम और अव्यवस्थित वाहन स्टैंड ज्यादा नजर आ रहा है। कार्यालय के सामने और परिसर के भीतर बेतरतीब ढंग से खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हर दिन सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्याओं, शिकायतों और शासकीय कार्यों को लेकर जनपद पंचायत पहुंचते हैं, लेकिन कार्यालय पहुंचते ही उन्हें सबसे पहले अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है। हालात ऐसे हैं कि कई बार कार्यालय के मुख्य मार्ग तक वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है।

बताया जा रहा है कि प्रत्येक सप्ताह होने वाली सचिव-सरपंच बैठकों के दौरान स्थिति और भी बदतर हो जाती है। बड़ी संख्या में पहुंचे सचिव और सरपंच अपने वाहन मनमाने तरीके से परिसर में खड़े कर चले जाते हैं, जिससे पूरे परिसर में अव्यवस्था का माहौल बन जाता है। हैरानी की बात यह है कि परिसर में स्पष्ट रूप से सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिसमें वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा करने तथा नियम उल्लंघन पर अर्थदंड का प्रावधान भी उल्लेखित है। इसके बावजूद नियमों का पालन कराने वाला कोई नजर नहीं आता। नतीजतन, सूचना बोर्ड केवल शोपीस बनकर रह गया है।

इस अव्यवस्था को लेकर जनपद पंचायत बलरामपुर के उपाध्यक्ष ने भी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि कार्यालय परिसर में वाहन खड़े करने की व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब नियम बने हुए हैं और चेतावनी बोर्ड भी लगा हुआ है, तो आखिर उनका पालन कौन करवाएगा? क्या जनपद पंचायत परिसर में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल नियम बनाने तक ही सीमित है, या फिर जनता की सुविधा के लिए कोई ठोस कदम भी उठाए जाएंगे ? आखिर कब सुधरेगी जनपद पंचायत परिसर की पार्किंग व्यवस्था ?