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संजय गुप्ता/कुसमी@ बलरामपुर जिले के कुसमी नगर पंचायत में जमीन विवाद अब बड़ा प्रशासनिक और कानूनी सवाल बनता जा रहा है.. कुसमी निवासी अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए पुलिस पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए हैं.. इस गए ज्ञापन में स्पष्ट है कि यदि सा दिवस के भीतर उसके समस्या का निवारण नहीं हुआ तो हुआ आत्मदाह कर लेगा.. जिस तरह से आवेदक परेशान है इसकी गंभीरता को भी नजअंदाज नहीं किया जा सकता..
आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद पुलिस ने विपक्षी पक्ष को संरक्षण देते हुए जमीन पर जबरन कब्जा दिलाने की कोशिश की.. पीड़ित अमजद का कहना है कि उसकी पैतृक भूमि और घर के पीछे स्थित बाड़ी जमीन पर लंबे समय से कब्जे की नीयत से दबाव बनाया जा रहा है.. पहले केवल 01 डिसमिल भूमि उपयोग के लिए दी गई थी, लेकिन अब पूरी अतिरिक्त जमीन पर कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा है..

मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद कथित तौर पर कानून को ताक पर रखकर दबंगई दिखाई जा रही है..
शिकायत में यह भी कहा गया है कि करीब दो माह पहले भी विपक्षी पक्ष ने मारपीट और गाली-गलौज करते हुए जबरन कब्जा करने की कोशिश की थी.. इसकी सूचना थाना कुसमी में दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.. अब 21 मई 2026 को सुबह करीब 9 बजे 20-25 लोगों के साथ विपक्षी पक्ष फिर घर पहुंचा और माहौल तनावपूर्ण बना दिया.. सबसे गंभीर आरोप पुलिसकर्मियों पर लगाए गए हैं.. आवेदन के मुताबिक मौके पर पहुंचे एएसआई रमेश तिवारी, सिपाही चंदेल सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने बिना किसी न्यायालयीन आदेश के पीड़ित की बात सुने बिना ही विपक्षी पक्ष को कब्जा दिलाने का प्रयास किया.. इस आरोप के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं..
अमजद ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, विपक्षी पक्ष पर एफआईआर दर्ज करने, जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है.. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर संवैधानिक और वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिला कार्यालय में आत्मदाह करने को मजबूर होगा..
अब देखना होगा कि प्रशासन इस विस्फोटक शिकायत पर क्या कदम उठाता है, या फिर न्याय की गुहार लगाने वाला एक और पीड़ित सिस्टम की चुप्पी में दब जाएगा..