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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जल संरक्षण की दिशा में हो रहे व्यापक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया (X) अकाउंट पर जिले की पहल का उल्लेख करते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण कार्यों की सराहना की।
जिले में Jal Shakti Abhiyan: Catch the Rain 2025 (JSJB 3.0) के अंतर्गत अब तक 55,000 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं को जियो-टैग किया जा चुका है। इनमें गली प्लग, ब्रशवुड प्लग, लूज़ बोल्डर चेक, बोल्डर चेकडैम, चेकडैम, आजीविका डबरी, खेत डबरी, तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार, सोक पिट, रिचार्ज पिट, सामुदायिक कुएँ तथा स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विकसित कोरिया मॉडल जैसी विभिन्न जल संरक्षण संरचनाएँ शामिल हैं।
इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को अधिकतम स्तर पर रोकने, भूजल का पुनर्भरण करने और जल स्रोतों को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित बनाने का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन के साथ-साथ ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा बलरामपुर के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर साझा किया जाना न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि सामुदायिक सहभागिता, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयास देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकते हैं।
“हर बूंद को संजोने का बलरामपुर का संकल्प, अब राष्ट्रीय पहचान बन चुका है।”
“आज बचाई गई हर बूंद, कल का सुरक्षित भविष्य है। आइए, जल संरक्षण को अपनी आदत और बलरामपुर की पहचान बनाएं।”श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी
श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, बलरामपुर – रामानुजगंज ने अपील की है कि बारिश के पानी को व्यर्थ ना जाने दें…
