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हरकीरत सिंह(बॉबी) सीतापुर@ विकास के बड़े-बड़े दावों और घोषणाओं के बीच सीतापुर की कई सड़कें आज भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रही हैं। बरसात शुरू होते ही जगह-जगह सड़कें उखड़ गई हैं और गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले सड़क मरम्मत और जल निकासी की पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। नतीजतन, पहली ही अच्छी बारिश के बाद कई मार्गों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। कीचड़, जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब उनका असर ज़मीन पर भी दिखाई देगा। लोगों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और मानसून के दौरान आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या विकास केवल भाषणों और घोषणाओं तक सीमित रहेगा, या फिर उसकी तस्वीर धरातल पर भी दिखाई देगी? इस सवाल का जवाब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली ही तय करेगी।






