
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कार्यों की धीमी गति पर जताई नाराजगी ..
कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी करने तथा ब्लैक-लिस्ट करने के दिए निर्देश..
राष्ट्रीय राजमार्ग और कंठी घाट के कार्यों को देखा, सड़कों व पुलों के निर्माण में सड़क सुरक्षा के मानकों का विशेष ध्यान रखने कहा..
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान निर्माण कार्यों की सुस्त गति पर कड़ा रुख अपनाया। समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।

बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण तथा अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया और कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को समय पर पूरा करना सभी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
समीक्षा के दौरान बलरामपुर-रामानुजगंज-सनावल, कामेश्वरनगर, कपिलदेवपुर, गणेशमोड़, जनकपुर, रमेशपुर-शंकरपुर, चंपा-बादा तथा कुसमी-कोरंधा मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। सचिव ने स्पष्ट कहा कि केवल कागजों में प्रगति दिखाने से काम नहीं चलेगा, धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और ठेकेदारों के साथ समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक के बाद श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 और कंठी घाट में निर्माणाधीन सड़क कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बरसात से पहले नाली निर्माण और जल निकासी से जुड़े सभी अधूरे कार्यों को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़कें और पुल आम जनता की जीवनरेखा होते हैं, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सचिव के सख्त तेवरों से यह साफ संकेत मिला कि अब निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता से जुड़े विकास कार्यों को लटकाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



