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संजय गुप्ता/बलरामपुर@ बलरामपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) में भर्ती कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है.. मामले में मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है..
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विभिन्न तहसीलों से फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी करवाए.. इन प्रमाण पत्रों का उपयोग कर अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों ने सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और एसएसबी जैसी केंद्रीय सुरक्षा बलों में भर्ती का लाभ लिया..
प्रकरण की विवेचना पर पाया गया कि केंद्रीय पुलिस बल की भर्ती में छत्तीसगढ़ राज्य का कट ऑफ अन्य राज्यों की तुलना में कम रहने के कारण अन्य राज्य के व्यक्ति अवैध लाभ प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का फर्जी तरीके से निवास प्रमाण पत्र बनवाकर केंद्रीय पुलिस बल में भर्ती हुए है अथवा भर्ती होने का प्रयास किया जा रहा है.. विवेचना के दौरान पाया गया कि बलरामपुर तहसील कार्यालय के अतिरिक्त तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ से ऐसे लगभग 20-25 स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करवाया गया है जिसका उपयोग कर छत्तीसगढ़ राज्य के कई ग़ैर निवासी केंद्रीय आर्म्स पुलिस बल जैसे सीआरपीएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ में भर्ती हुए है..
पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना विवेक सिंह तोमर प्रति व्यक्ति 3 से 4 लाख रुपये लेकर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाता था.. गिरोह के एक सदस्य ओमप्रकाश चंद्रवंशी द्वारा दस्तावेजों में एडिटिंग कर ऑनलाइन आवेदन जमा किए जाते थे.. उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त कंप्यूटर भी जब्त किया गया है..