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हरकीरत सिंह(बॉबी) सीतापुर@ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर की पेटला शाखा में सामने आए करीब 1.93 करोड़ रुपये के कथित केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण घोटाले में आखिरकार पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस बहुचर्चित घोटाले में नामजद कई अधिकारी और कर्मचारी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिससे जांच की रफ्तार और कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
सीतापुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 188/2026 में दीपक कुमार चक्रधारी (29 वर्ष), निवासी अखोराकला, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर, तत्कालीन दैनिक वेतनभोगी कंप्यूटर ऑपरेटर को 19 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 316(5), 61(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज है।
127 किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा, 1.92 करोड़ रुपये निकाले गए
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिला कलेक्टर सरगुजा द्वारा गठित जांच दल ने पाया कि 127 किसानों के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर ₹1,92,82,096 की राशि बैंक से आहरित की गई। जांच रिपोर्ट में बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार इस घोटाले में तत्कालीन प्रभारी शाखा प्रबंधक, सहायक लेखापाल, कैशियर, सामान्य सहायक, दैनिक वेतनभोगी कंप्यूटर ऑपरेटर, प्राधिकृत अधिकारी, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक और समिति प्रबंधकों सहित कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पूछताछ के बाद गिरफ्तारी, बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक विवेचना के दौरान दीपक कुमार चक्रधारी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 1 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजने का अनुरोध किया गया।
अब सवाल—बड़े जिम्मेदार कब होंगे गिरफ्तार?
करीब दो करोड़ रुपये के इस कथित बैंक घोटाले में एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की गिरफ्तारी तो हो गई, लेकिन जांच रिपोर्ट में जिन अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, वे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या घोटाले के असली जिम्मेदारों पर भी कानून का शिकंजा कसेगा?
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।