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हरकीरत सिंह/सीतापुर@ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार तेजी से पैर पसारता नजर आ रहा है। गांवों और मुख्य मार्गों के आसपास किराना दुकानों, ढाबों और गुपचुप अड्डों पर खुलेआम शराब बेचे जाने की चर्चा आम हो चुकी है। खास बात यह है कि यहां केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न ब्रांड भी मांग के अनुसार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि देर शाम से लेकर रात तक गांवों में शराब की अवैध सप्लाई की जाती है। कुछ स्थानों पर मोटरसाइकिल और छोटे वाहनों के जरिए शराब पहुंचाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, जिससे गांवों का माहौल खराब हो रहा है और आए दिन विवाद तथा मारपीट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
जानकारों के मुताबिक सीमावर्ती इलाकों का फायदा उठाकर बाहरी राज्यों की शराब खपाई जा रही है। कई मामलों में अलग-अलग राज्यों के लेबल लगी शराब पकड़े जाने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं। हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में अंतरराज्यीय अवैध शराब तस्करी के मामलों पर लगातार कार्रवाई होती रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री को लेकर लोगों ने प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई केवल औपचारिक बनकर रह जाती है। कई गांवों में सुबह से देर रात तक शराब आसानी से उपलब्ध होने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में लगातार छापेमारी अभियान चलाकर अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाई जाए तथा शराब तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।