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हरकीरत सिंह/सीतापुर@ सीतापुर में बिना पुलिस सत्यापन के रह रहे बाहरी और अज्ञात लोगों को लेकर अब सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ने लगी हैं.. शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग किराए के मकानों और निजी ठिकानों पर रह रहे हैं, जिनका पूरा विवरण न तो स्थानीय लोगों को पता है और न ही पुलिस रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज है..
प्रशासन द्वारा पूर्व में धारा 144 के तहत आदेश जारी कर मकान मालिकों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने यहां रहने वाले किराएदारों और बाहरी व्यक्तियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं.. आदेश का पालन नहीं करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई का भी प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है..
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों से आए कई लोग लंबे समय से रह रहे हैं, जिनके पास वैध पहचान दस्तावेज तक नहीं हैं.. ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उनकी पहचान करना और जांच करना मुश्किल हो सकता है..
सुरक्षा विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि समय रहते पुलिस व प्रशासन को व्यापक सत्यापन अभियान चलाकर सभी किराएदारों और बाहरी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करनी चाहिए.. इससे न केवल कानून व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आम नागरिकों में भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा..